Dil KI Aankho se “दिल को आँखों से: मोटिवेशनल हिंदी कविता”

Dil KI Aankho se

दिल की आँखों से देख,
ग़म भी हंसी नजर आएगा।

तू दिल से मांग कर तो देख,
दुबारा ग़म नजर न आएगा।

अरे, क्या ढूंढ़ता है तू बाहर?
जरा अपने भीतर तो देख।

सारा संसार भरा पड़ा है इसमें,
क्या, तुझमें नहीं है ‘हिम्मत’?
तो फिर क्या देखता है ‘कीमत’?

फैला दे हाथ, अपने,
चारों दिशाओं में।
देख, किस्मत बेकरार है
तुझे पाने को,
सिर्फ और सिर्फ, तुझे पाने को।

           अन्य कविता पढ़े :-

  

जुकने से कोई गुलाम नहीं होता है जो “सर उठाने” के लिए जुकता है वही “महान” होता है |

Sharing Is Caring:

Leave a Comment