“Dil Par Nishaan ! “दिल पर निशाँ: एक प्यार भरी कविता”

“पढ़िए Dil Par Nishaan ‘दिल पर निशाँ हूँ मैं तेरे’ हिंदी कविता, जो प्रेम, विश्वास और एहसासों की गहराई को व्यक्त करती है। जानिए कैसे प्यार और वफ़ा की भावनाएँ हमें अपने रिश्ते में हमेशा जुड़े रखने की प्रेरणा देती हैं।”

 

दिल पर निशाँ हूँ मैं तेरे
नज़र हूँ मैं तेरी निगाहों में।

तेरे होठों की हंसी मुझसे है,
मैं ख़ुशी हूँ तेरे प्यार में।

तू उदास है जब भी,
मैं चिंता हूँ तेरे इंतजार में।

तू कह दे, “मैं परेशान हूँ तुझसे,”
फिर भी पता है मुझे,
मैं ही उम्मीद हूँ तेरे प्यार की।

तड़पा दे मुझे तू कितना भी, तो क्या?
मैं ही तड़प हूँ तेरे इज़हार की।

तू भले ही मुझसे दूर है, ‘ख़फ़ा’ है,
फिर भी मैं ही अहसास हूँ, वफ़ा की।

तू दर्द दे रहा है मुझे, मगर
मैं ही दवा हूँ तेरे विश्वास की।

लाख कोशिश कर ले तू,
छुपा नहीं पाएगा।
तुझे मालूम है, मैं तेरा हूँ,
मुझे दिल से निकाल नहीं पाएगा।

मैं बना हूँ सिर्फ ‘तेरे लिए,’
मुझे भुला नहीं पाएगा।

दिल पर निशाँ है तेरे, मेरे नाम का,
मैं नज़र हूँ तेरी निगाहों में,
तू मुझे भुला नहीं पाएगा।

 

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जुकने से कोई गुलाम नहीं होता है जो “सर उठाने” के लिए जुकता है वही “महान” होता है |

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