हवा
हवा बनकर जीने में,
क्या बात है
हवा रहती है, हमेशा “आजाद”
न कोई रोके इसे
न कोई टोके इसे
सारे जहाँ में है इसका “राज”
तू भी हवा बनकर देख
तेरे लिए फिर न तो कोई सरहद होगी
और न ही कोई बंदिश
“हवा जैसा बनना आसां नहीं है”
मगर नहीं है यह
“असंभव”
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