Uski Yaado Mai ! “उसकी यादों में” एक प्रेम-मयी हिंदी कविता 

Uski Yaado Mai

मेरी चाहतों ने, मुझको संभाले रखा है
खो रहा था मैं, मुझे बचाए रखा है

सोचा था मैंने, ज़माने में कुछ नहीं रखा है
मगर उसकी यादों ने बचाए रखा है

ज़िंदगी जैसे मिल गई हो, फिर से
उसके आने से मेरा, गुलशन महक उठा है

उसकी बातों में एक ‘जादू’ सा लगे
सुनके जिन्हें, मुझे सुकून आता है

उनकी आँखों से झलकता है, मोहब्बत का जाम
जिन्हें देखूं तो मुझे प्यार आता है

उसका चेहरा बड़ा ही प्यारा लगे
वो मेरे अंधेरों का उजाला लगे

अंधेरे में मिल गई है रौशनी मुझे
खिल गया है फिर से ये चमन

अब तो मंज़िल के करीब आ रहा हूँ मैं
बेहद खूबसूरत ख्वाबों में जी रहा हूँ मैं

तुमसे मिलने की, उम्मीदें
और तुम्हें पाने की चाहतों में

मेरा वक्त निकल रहा है

कर सकूं मैं अब वो, जो कर न सका था
हर इरादा अब बड़ा प्यारा लगे

उसके आने से, जमाना यूं बदल सा गया है
कि हर समां, अब अपना सा लगे

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जुकने से कोई गुलाम नहीं होता है जो “सर उठाने” के लिए जुकता है वही “महान” होता है |

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