Aaj Ka Yuva Hai Wo
गुमशुदा है, निराश है, आज वो
भीड़ में रहकर भी, अकेला है वो
थकता है, मगर
फिर भी, चलता है वो
डरता नहीं है वो किसी से
मगर, बेरोज़गारी से घबराता है वो
अरे देखो, आज का
युवा है वो
पढ़ा-लिखा होशियार
हुआ है वो
सोचता था, वो कि
कुछ नाम कमाऊँगा मैं
दुनिया में अपनी
पहचान बनाऊँगा मैं
मगर इन असफलताओं की
निराशाओं में
भटक गया है वो
तभी तो नशे और, गलत
राह पर चल पड़ा है वो
अरे देखो, आज का
युवा है वो
गीत
वो जो कभी सपनों में खो जाता था,
अब सच्चाई से डरकर तो नहीं रुकता है,
हर कदम में छुपी होती है उसकी चाह,
कभी हारा, कभी जीता, बस यही है उसका राह।
हर मोड़ पर नया रास्ता खोजेगा,
हिम्मत से हर चुनौती को पार करेगा,
फिर भी अंदर की आवाज़ सुनता है,
“अरे देखो, आज का युवा है वो।”
अरे देखो, आज का युवा है वो…
कभी एक उम्मीद थी उसके दिल में,
नए आसमान, नई धड़कन, उसी में,
पढ़ाई से लेकर प्यार तक हर मंजिल,
सपनों में खो जाना अब सच्चाई बनती है।
कभी खुश था, कभी निराश हुआ,
फिर भी खुद को समेटने का रास्ता निकाला,
लेकिन अंदर से आवाज़ आती है,
“अरे देखो, आज का युवा है वो।”
अरे देखो, आज का युवा है वो…
रुकता नहीं है, चलता जाता है,
राहें आसान नहीं होतीं, फिर भी खुद को सही साबित करता है,
आत्मविश्वास से भरा उसका दिल,
भूलकर भी डर को नहीं पकड़ता है,
उसके पास एक सपना है,
उसे पूरा करने की जिद है।
अरे देखो, आज का युवा है वो…
उसका जुनून कभी कम नहीं होगा,
सपनों के पीछे, फिर कभी नहीं रुकता है,
हर मुश्किल से लड़ता है, न थकता है,
जो खो दिया, उसे वापस पाएगा,
और एक दिन वो अपने नाम का सितारा बनेगा।
अरे देखो, आज का युवा है वो…
अब तो सबको सुनाना है,
किसी और के कहने से नहीं डरता है,
वो हर जगह अपने कदम छोड़ जाएगा,
समझो इस दुनिया को, वो बदलने वाला है।
अरे देखो, आज का युवा है वो…