कर सकता है, तू भी | Kar Sakta Hai Tu Bhi Motivation in Hindi | Khud Par Bharosa Kar

“कर सकता है, तू भी, तो करता क्यों नहीं?”
पा सकता तू भी
तो पाता क्यों नहीं?

“कर सकता है, तू भी, तो करता क्यों नहीं?”

जीतना है अगर तुझे,
तो खेलना ही होगा।
आता है जीतना तो,
खेलता क्यों नहीं?

“कर सकता है, तू भी, तो करता क्यों नहीं?”

क्यों खो गया है
तू अपने अतीत में?
देख, आज हमेशा
तेरे साथ है।
तू आज से ही
हँसता क्यों नहीं?

“कर सकता है, तू भी, तो करता क्यों नहीं?”

अब तक मंजिल
न मिली तो क्या हुआ?
मंजिल के रास्ते हैं बहुत से,
तू कोई और रास्ता चुनता क्यों नहीं?

“कर सकता है, तू भी, तो करता क्यों नहीं?”

कदम उठा न पाएगा तो,
चलेगा कैसे?
और चलेगा नहीं तो,
मंजिल तक पहुंचेगा कैसे?

“कर सकता है, तू भी, तो करता क्यों नहीं?”

अब तुझमें है वो ताकत, जो तू खोज रहा है,
अगर मेहनत कर, तो जीत भी तेरे पास आएगा,
देख, हर मुश्किल का हल खुद में है,
आशा के इस रस्ते पर तू आगे बढ़,
कभी ना रुक, कभी ना थम,
तू है अपना ही हीरो, बस आगे बढ़ना है कम।

“कर सकता है, तू भी, तो करता क्यों नहीं?”
“कर सकता है, तू भी, तो करता क्यों नहीं?”


तेरे पास है वो शक्ति, जो किसी के पास नहीं,
सपनों को कर पूरा, खुद को यकीन है यही,
खुश रह, जी ले, जो भी तू चाहता है,
रुकना नहीं, तू चलता जा, यही है सच्चा रास्ता।
सभी बाधाएं तुझमें हैं, बस उन पर विजय पाना है,
जो तूने सोचा था, अब वही करना है।

“कर सकता है, तू भी, तो करता क्यों नहीं?”
“कर सकता है, तू भी, तो करता क्यों नहीं?”


अब तू हार से नहीं डरता, क्योंकि तू जानता है,
हर पल में खुद को साबित कर सकता है,
तेरी मंजिल तेरे पास है, बस कदम बढ़ा,
जितना चाहें, उतना पा सकता है,
कभी ना रुक, कभी ना थम,
तेरा सपना, अब तेरा है कम।

“कर सकता है, तू भी, तो करता क्यों नहीं?”
“कर सकता है, तू भी, तो करता क्यों नहीं?”

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